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चने के झाड़ पे चढ़ा वो शातिर भ्रष्ट-भ्रष्ट चिल्लाता है , कुनबा जिसका पंकिल सिर तक नामदार कहलाता है।

वोट तंत्र तो जीत गया ,लोकतंत्र ही हारा है ,
कुम्भ-करण तो जीत गया ,कुम्भाराम हारा है। 

चने के झाड़ पे चढ़ा वो शातिर भ्रष्ट-भ्रष्ट चिल्लाता है ,
कुनबा जिसका पंकिल सिर  तक नामदार कहलाता है। 

पड़ा हुआ था जीत का सूखा ,मत प्रचंड बतलाता है ,
गया हाथ से मिजोरम भी फिर इतना इठलाता है। 

ठगबंधन कुनबे के लीडर  पीटे तेलंगाना में हैं ,
के.चंद्रशेखर राओ की भारी जीत ही सबका हौवा है। 


कांग्रेस मुक्त हुआ पूर्वोत्तर अब यूपी की बारी है ,

गोद  में 'लल्लू' मायाजी की बैठो ये लाचारी है।  

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